ईद-उल-फ़ित्र काउंटडाउन
ईद-उल-फ़ित्र 2027 के लिए लाइव काउंटडाउन — ईद की ख़ुशियों में कितना समय बाकी है, ट्रैक करें।
ईद-उल-फ़ित्र में कितने दिन बाकी हैं?
यह ईद-उल-फ़ित्र काउंटडाउन रमज़ान के पवित्र महीने के बाद आने वाली ईद की ख़ुशियों में कितना समय शेष है, यह दिखाता है। ईद-उल-फ़ित्र एक महीने के रोज़ों के बाद मनाया जाने वाला शुक्रिया और ख़ुशी का त्योहार है।
भारत में ईद-उल-फ़ित्र बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। यह परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ मिलकर ख़ुशियां बांटने का अवसर है। ईद की नमाज़, गले मिलना और मिठाइयां बांटना इस दिन की खासियत है।
भारत में ईद की परंपराएं
ईद के दिन सुबह सवेरे ईद की नमाज़ अदा की जाती है। नमाज़ के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं और ईद मुबारक कहते हैं। बच्चों को ईदी (नकद उपहार) दी जाती है जो उनके लिए सबसे ख़ुशी का पल होता है।
ईद की दस्तरखान पर सेवइयां (शीर खुरमा), बिरयानी, कबाब और विभिन्न मिठाइयां सजती हैं। पुरानी दिल्ली, लखनऊ और हैदराबाद जैसे शहरों में ईद का जश्न विशेष रूप से भव्य होता है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के घर मिठाई भेजने की परंपरा है।
ईद की तैयारियां
ईद की तैयारियां रमज़ान के अंतिम दिनों में ज़ोर-शोर से शुरू होती हैं। नए कपड़े ख़रीदना, घर की सफ़ाई करना और मिठाइयां बनाना इस दौर की प्रमुख गतिविधियां हैं। सेवइयां और शीर खुरमा की तैयारी हर घर में होती है।
फ़ित्रा (ज़कात-उल-फ़ित्र) ईद की नमाज़ से पहले अदा करना ज़रूरी है। यह ग़रीबों और ज़रूरतमंदों तक पहुंचाया जाता है ताकि वे भी ईद की ख़ुशियों में शामिल हो सकें। बाज़ारों में ईद से पहले ख़ूब रौनक होती है।